Trading और Investing क्या है?
Trading और Investing क्या है
Kon Sa Accha Hai?
एक हफ्ते में एक दिन में यहां तक की कुछ मिनट में बहुत सर प्रॉफिट काम सकते हो लेकिन इन्वेस्टिंग में कुछ मीना में कुछ सालों में 5 साल 10 साल 20 साल उससे भी ज्यादा ग सकते हैं प्रॉफिट कमाने में अब आप यहां पर सोच रहे होंगे की यार अगर कम समय में पैसा मिल सकता है तो हम लंबे समय का इंतजार क्यों करें तो देखो यही पे मैं बात आई है ट्रेडिंग और इन्वेस्टिंग को समझना की क्योंकि यह बहुत इंपॉर्टेंट चीज है और ये बहुत क्लियर हो जाना चाहिए आपको इन्वेस्टमेंट शुरू करने से पहले यहां पर मैं आपको बता डन की एक आदमी एक समय पर एक ट्रेड भी हो सकता है और इन्वेस्टर भी हो सकता है
यानी की एक अब यह दोनों कम कर सकता है लेकिन उसे ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट के बीच का डिफरेंस जरूर पता होना चाहिए तो इस वीडियो में हम ट्रेडिंग और इन्वेस्टिंग को तो समझेंगे ही इसके अलावा हम इन दोनों के बीच की जो मेजर डिफरेंस है उनके बड़े में भी डिस्कस करेंगे और सबसे आखिरी में मैं आपको ये भी बताऊंगा की आपको ट्रेडिंग करनी चाहिए या इन्वेस्टिंग करनी चाहिए
CONCEPT OF TRADING AND INVESTING
अब देखो सबसे पहले समझते हैं ट्रेडिंग और इन्वेस्टिंग के कॉन्सेप्ट को इसे समझने के लिए मैं आपको एक एग्जांपल देता हूं मां लो बाबूराव नाम का एक आदमी अपनी मोबाइल की दुकान खोलना है उसकी दुकान बहुत बढ़िया चल रही थी वो मार्केट से सस्ते दम से मोबाइल लता और अपनी दुकान पे बेचकर प्रॉफिट कामता उसका कम बढ़िया चल रहा था लेकिन जब भी कुछ समय बाद उसकी दुकान के सामने एक और दुकान खुला जाति है तोतला सेठ की और वो वही मोबाइल बाबू राव की दुकान से भी सस्ते दम पर बेचे ग जाते हैं मतलब की बाबू राव जो फोन 10000 में बेचते थे वही फोन तोतला सेट 9000 में बेचे लगा अब क्योंकि तोतला सेट की दुकान पर मोबाइल सस्ते मिल रहे हैं तो लोग बाबू राव की दुकान पर क्यों खरीदेंगे अब
क्योंकि भैया बाबूराव के पास कस्टमर तो ए नहीं रहे थे इसलिए वो उसे दिन भर टीवी भी न्यूज़ ही देखा राहत सारे ग्राहक तोता सेठ के पास जान लगे थे जब भी वो टीवी में न्यूज़ सकता है की जी ब्रांड को बेचते हैं वह मोबाइल चिप की शॉर्टेज की वजह से बन्ना बैंड हो गए हैं अब यहां पर बाबूराव के दिमाग में आइडिया आता है क्योंकि मोबाइल की डिमांड तो लोगों में बहुत ज्यादा है लेकिन मैन्युफैक्चरिंग ना होने की वजह से अब उसकी सप्लाई बैंड हो जाएगी अब यहां पर देखो बाबूराव दो कम कर सकता है पहले ऑप्शन यह है की वो रोज सवेरे उठाते ही सबसे पहले तोतला सेट की दुकान पर जाकर उसके सारे फोन ₹9000 में खरीद ले और उन्हें अपनी दुकान पर वापस 10000 में बेचकर प्रॉफिट कमाई दूसरा तरीका यह है की वो रोज सवेरे तो उतना सेठ की दुकान पर जाकर उसके सारे मोबाइल खरीद ले और उन्हें अपने वेयरहाउस में स्टोर करके रखें उन्हें बेचे
इसी तरह वो कुछ महीने अपने पास उन फोंस को स्टोर करके रखें और जैसे इस फोन का प्राइस मार्केट में बाढ़ जाए और उसकी डिमांड मार्केट में बाढ़ जाए वो उन फोन को 10000 की जगह 12000 में बेचकर ज्यादा प्रॉफिट कमाई अब यहां पर देखो ट्रेडिंग और इन्वेस्टिंग को समझो बाबू राव जब डेली फोन सस्ते में खरीद कर उन्हें बीच रहा था तो वो ट्रेडिंग कर रहा था लेकिन जब बाबू आपने फोन को कुछ मीना के लिए स्टोर करके रखा और जैसे उनका प्राइस बड़ा उसने जब बेचा तो उसने इन्वेस्टिंग होगी क्योंकि वह डेली चीजों को सेल नहीं कर रहा बल्कि उन्होंने कुछ मीना बाद कर रहा है बिल्कुल इसी तरह ट्रेडिंग और इन्वेस्टिंग क करती है
बस शेर मार्केट में फोन की जगह शेयर्स ए जाते हैं मतलब हम शेर मार्केट में डेली फोंस की जगह शेयर्स को सस्ते में खरीद कर उन्हें महंगे में बेचकर प्रॉफिट बनाते हैं तो वो ट्रेडिंग होती है और अगर हम शेयर्स को सस्ते में खरीद कर कुछ महीने कुछ साल 10 साल 5 साल बाद जब वो शेर का प्राइस बाढ़ जाता है तब बेचते हैं तब वो इन्वेस्टिंग कहलानी है देखो यहां दोनों के बीच का जो मेजर डिफरेंस है वो है टाइमिंग आई होप अब आपको ट्रेडिंग और इन्वेस्टिंग का कॉन्सेप्ट समझ ए गया होगा अगर नहीं आया तो
INVESTING
आपको आगे जरूर ए जाएगा अब देखो इन्वेस्टिंग में क्या होता है लोग अच्छी कंपनियां की शेर ढूंढते हैं और जैसे ही उन्हें कोई ऐसी कंपनी मिलती है जो फ्यूचर में अच्छा खास प्रॉफिट जेनरेट करेगी अच्छा परफॉर्म करेगी वो उसे कंपनी के ऊपर फंडामेंटल रिसर्च करते हैं और यह पता लगाते हैं की क्या यह कंपनी इन्वेस्ट करने लायक है या नहीं क्या इस कंपनी में अगर हम पैसे लगाएंगे तो बढ़ेंगे या नहीं बढ़ेंगे अगर उन्हें उनके इन सवालों के जवाब मिल जाते हैं तो वो उसे कंपनी में अपना पैसा लगा देते हैं और वो कंपनी इन इन्वेस्टर्स के पैसों को लेकर अपने नए प्रोडक्ट लॉन्च करती है अपने बिजनेस को और बड़ा करती है नए एम्पलाइज को हीरे करती हैं ताकि उनकी प्रोडक्शन बाढ़ सके ताकि वो लोग ज्यादा प्रोडक्ट्स को बना सके और ज्यादा चीज बेचकर ज्यादा मुनाफा काम सके और जब उनको ज्यादा मुनाफा होता है तो वो अपने इन्वेस्टर को खुश करने के लिए उसे मुनाफा मस्जिद थोड़ा-थोड़ा हिस्सा दे देते हैं इस छोटे-छोटे हिस को ही डिविडेंड बोलते हैं क्योंकि देखो इन्वेस्टर जो होता है वो लॉन्ग टर्म के लिए इन्वेस्ट करता है तो उसे आखरी में जो रिवॉर्ड मिलता है
वो तो मिलता ही है लेकिन कंपनी है बीच-बीच में थोड़ा-थोड़ा डिविडेंड देकर थोड़ा-थोड़ा प्रॉफिट का हिस्सा देकर अपने इन्वेस्टर को खुश करती रहती है मतलब एक इन्वेस्टर को लॉन्ग टर्म में तो बहुत ज्यादा प्रॉफिट होता ही है लेकिन उसको बीच-बीच में थोड़ा-थोड़ा डिविडेंड भी मिलता राहत है जो उसके लिए एक अर्निंग का कम करती है और मैं आपको बता डन कैसे बहुत सारे इन्वेस्टर है जिनकी सिर्फ डिविडेंड की कमाई लाखों करोड़ में होती है
TRADING
वही दूसरी तरफ जो ट्रेडिंग होती है उसमें जो ट्रेड होते हैं उन्हें इस बात से कोई भी फर्क नहीं पड़ता की कंपनी क्या कम करती है कंपनी प्रॉफिट कम आई है या नहीं कम आई है कंपनी का मैनेजर कैसा है वो फंडामेंटल एनालिसिस पर ध्यान नहीं देते एक ट्रेडर्स सबसे ज्यादा ध्यान देता है टेक्निकल एनालिसिस पे वो चार्ट एनालिसिस पे ध्यान देता है वो शेर प्राइस को ट्रैक करता है की शेर के प्राइस कब घाट रहा है कब बाढ़ रहा है वो उसमें ऑपच्यरुनिटीज जुड़ता है मतलब एक ट्रेड का कम ऐसा होता है की वो रोज सवेरे उठाती सबसे पहले मार्केट खोल किसी भी एक कंपनी का शेर उठा देगा और उसके प्राइस की मूवमेंट को ट्रैक करेगा अगर उसे ट्रेड को टेक्निकल और चार्ट एनालिसिस करने के बाद ये लगता है की शेर का प्राइस बढ़ेगा तो वो उसे कम रेट पर खरीद लगा और जैसे उसे शेर का प्राइस बढ़ेगा उसे बेचकर प्रॉफिट काम लगा जबकि इन्वेस्टमेंट में क्या था
जो इन्वेस्टर था वो शेर को सस्ते में खरीद कर उसे कई साल बाद बचता है जब उसका प्राइस बाढ़ जाता है अब आपको ये समझ ए गया हो की एक ट्रेड कैसे कम करता है और एक इन्वेस्टर कम कैसे करता है अब देखो इनके बड़े में मैं और डिटेल में नहीं जाऊंगा वरना वीडियो बहुत बड़ी हो जाएगी अब सीधे हम डायरेक्ट इनकी डिफरेंस के बीच में आते हैं इन दोनों के बीच के अंतर के बड़े में बात करते हैं सबसे पहले डिफरेंस तू टाइम का ही था ट्रेडिंग कम समय का प्रोसेस है और इन्वेस्टिंग लंबे समय का गेम है इसके अलावा अगर रिस्क के हिसाब से देखा जाए तो ट्रेडिंग में बहुत ज्यादा रिस्क होता है जो की इन्वेस्टिंग में रिस्क बहुत ही कम होता है अब ऐसा नहीं है की इन्वेस्टिंग में बिल्कुल भी रिस्क होता नहीं है हो सकता है की शॉर्ट टर्म में शेर का प्राइस गिर जाए लेकिन अगर कंपनी अच्छी चुन्नी तो आप लोगों ने तो लॉन्ग टर्म में उसे कंपनी का शेर प्राइस जरूर बढ़ेगा
और इस वजह से इन्वेस्टिंग में रिस्क बहुत कम हो जाता है वही ट्रेडिंग जिसकी इसलिए होता है क्योंकि ये एक तरह का गेम है वो आपस में है तिल वाला गेम खेलने का डिसाइड करते हैं और बोलते हैं की अगर हेड आया तो तू जीत गया और तेल शायद तो मैं जीत गया तो ये देखो ये एक तरह का गेम है और शेर मार्केट में भी बिल्कुल ऐसा ही होता है बस वहां पे दो जनों की जगह बहुत सारे लोग ए जाते हैं और वो लोग हेड तेल की बजे शेर की प्राइस घाट नहीं है बढ़ाने के ऊपर बात लगाते हैं मतलब बहुत सारे लोग होते हैं जिसमें से कुछ लोग ये अंदाज़ लगाते हैं की शेर का प्राइस गिरेगी और कुछ लोग अपने पैसे लगाकर कहते हैं की शेर का प्राइस बढ़ेगा और ये लोग अपने पैसे कहां लगाते हैं ये लोग अपने पैसे लगाते हैं ब्रोकर के पास यानी की ग्रोथ जीरो होता है जैसे ब्रोकर के पास अपने पैसे लगाते हैं अब देखो अगर शेर का प्राइस बाढ़ गया तो ये वाले लोग जीत जाएंगे अगर ये लोग जीत जाएंगे तो जो लोग हर गए हैं उनका पैसा जीते हुए लोगों के पास चला जाएगा और उसे जीते हुए पैसे में से थोड़ा सा कमीशन यह ब्रोकर रख लेते हैं
और इतना ही नहीं इस जीतेगा भी टैक्स के नाम पर अपना हिस्सा इसे ले लेती है अब यहां पर ये देखो ये जो कर है और यह गवर्नमेंट है इनको तो हमेशा कमीशन और टैक्स मिलेगा चाहिए लेकिन लॉन्ग टर्म में नुकसान किसका होता है सिर्फ ट्रेडर्स का मतलब सिंपल सी बात यह है की अगर ट्रेडिंग में आपने पैसे बनाए हैं तो वहीं दूसरी तरफ किसी ने अपने पैसे गए हैं कल को जब वो पैसे बनाएगी तो हो सकता है की आप अपने पैसे गाव हो इसीलिए ट्रेडिंग रेस की राहत है अब वापस अपनी डिफरेंस की और चलते हैं
Conclusion
चाहे आप इन्वेस्टिंग करो चाहे ट्रेडिंग करो आपको यकीन रखना है की हां मैं प्रॉफिट ऑन कर सकता हूं और अगर आप एक सेल्फी परसों ऑफ हर महीने कमाते हो आपका में मकसद सिर्फ अपने पैसों को भविष्य में सिर्फ बढ़ाना है तो ऐसे लोग सिर्फ इन्वेस्टिंग कर सकते हैं वो लोग म्युचुअल फंड में अपने पैसे लगा सकते हैं उन्हें ट्रेडिंग कर रहे हैं की कोई भी जरूर नहीं है
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