TRADING VS INVESTING में अंतर?


में अंतर?

अब देखो एक और चीज है इनफॉरमेशन ज्यादातर लोग ट्रेडिंग करते हुए प्राइस घटेगा या बढ़ेगा इस बात का पता लगाने के लिए टेक्निकल एनालिसिस करते हैं वहीं अगर बात करें इन्वेस्टिंग की तो यहां पर इन्वेस्टर इस बात का पता लगाने के लिए की कंपनी का शेर प्राइस फ्यूचर में बढ़ेगा या नहीं बढ़ेगा कंपनी फ्यूचर में गो करेगी या नहीं करेगी इसके लिए इस्तेमाल करते हैं फंडामेंटल एनालिसिस का अब अगर आपको ये फंडामेंटल एनालिसिस सीखना है आप मेरी ये वाली वीडियो देख सकते हो इसमें मैंने डिटेल में फंडामेंटल एनालिसिस को समझाया है अब देखो एक और चीज है स्ट्रेस जो ट्रेडिंग वाला बांदा होता है वो हमेशा स्ट्रेस में राहत है अगर उसको प्रॉफिट हो गया तब तो वो पूरे दिन खुश रहेगा लेकिन अगर उसको लॉस हो गया तो उसके दिमाग में पूरे दिन वही बात घूमती रहती है ट्रेडिंग करते वक्त ऊपर उसे बहुत टेंशन रहती है

 अगर शेर प्राइस गिर गया तो उसके साथ फूलना लगती है और जैसे शेर प्राइस बढ़ाने ग गया तो एकदम खुश होने लगता है तो खाने का मतलब यह है की ट्रेडिंग में बहुत ज्यादा स्ट्रेस राहत है जबकि इन्वेस्टिंग में स्ट्रेस बिल्कुल नहीं राहत क्योंकि ये एक लॉन्ग टर्म प्रोसेस है हो सकता है कुछ समय के लिए आपके शेर प्राइस गिर जाए लेकिन अगर आपने कंपनी अच्छी चुन्नी है तो फिर महीने बाद एक साल बाद कुछ साल बाद शेर प्राइस जरूर बढ़ेगा और फ्यूचर में आपको प्रॉफिट होगा अब देखो ट्रेडिंग वाला बांदा हरदम शेर के बड़े में देखा राहत है देखा राहत है लेकिन इन्वेस्टिंग वाला बंता है आराम से एक बार इन्वेस्ट कर देगा और फिर कुछ टाइम बाद अपना देखेगा इन्वेस्टमेंट अच्छा हां मेरा शेर प्राइस जितना बाढ़ गया या इतना गिर गया फिर दोबारा बैंड कर लगा क्योंकि उसे बेचना नहीं है इतना लॉन्ग टर्म के लिए इन्वेस्ट कर रखा है

 और फिर कुछ समय बाद वो दोबारा से खोल के देखेगा की हां भाई अब तो आज मेरी शेर प्राइस बाढ़ गए वो कम देखेगा और इसको कम टेंशन होगी लेकिन थ्रेडर को हर पाल टेंशन रहती है प्रॉफिट होने के बाद भी और क्लोज होने के बाद तो ऑब्वियसली रहती है एक और सवाल है की ट्रेडिंग में ज्यादा पैसे हैं या इन्वेस्टिंग में अब देखो इस सवाल का जवाब बड़ा ही मुश्किल है क्योंकि ट्रेडिंग में आप बहुत कम समय में बहुत ज्यादा पैसा काम सकते हो लेकिन इन्वेस्टिंग में आप थोड़ा समय में इतना ज्यादा प्रॉफिट कहां सकते हो की कोई सोच भी नहीं सकता क्योंकि इन्वेस्टिंग में कंपाउंडिंग अपना असर दिखाई है

 और पैसा बढ़ते-बढ़ते-बढ़ते बहुत ज्यादा बाढ़ जाता है वही अगर ट्रेडिंग की बात करें तो ट्रेडिंग में एक प्लस पॉइंट ये है की आप ट्रेडिंग को कम पैसे में भी कर सकते हो यानी की आप कम पैसा लगाकर भी प्रॉफिट जेनरेट कर सकते हो लेकिन अगर इन्वेस्टिंग की बात करें तो सिर्फ आप हजार दो हजार लगा के बहुत सर पैसा काम नहीं सकते आप ट्रेडिंग में हजार दो हजार लगाकर ₹5000 का मुनाफा काम सकते हो लेकिन जैसे की मैंने बताया था की रिस्क यहां पे ज्यादा होता है ट्रेडिंग में आपकी ये भी चांसेस है की आप अपने हजारों हजार रुपए गाव दो लेकिन इन्वेस्टिंग में आपके हजार ₹2000 कुछ कम हो सकते हैं

 अगर आपने बिल्कुल ही खराब कंपनी चंडी तो हो सकता है की आपके पैसे कुछ कम हो जाए लेकिन पूरे कभी खत्म नहीं होंगे बहुत ज्यादा गिरने ग गए तो आप उसे भेज सकते हो तो मतलब ट्रेडिंग बहुत ज्यादा रिस्की है लेकिन आप ट्रेडिंग में कम पैसे से भी ज्यादा पैसा काम सकते हो बात करें एक्सपेंड की अगर आप ट्रेडिंग करते हो तो आपको ज्यादा चार्ज देने पढ़ेंगे लेकिन अगर आप इन्वेस्टिंग करते हो आप डिलीवरी में शेयर्स को खरीदने हो तो आपको ब्रोकरेज कम देना पड़ेगा यानी की कम चार्ज देने पढ़ेंगे जैसे की मैंने आपको ऊपर वाले एग्जांपल में बताया था की लोग ट्रेडिंग में बहुत साड़ी ट्रांजैक्शन करते हैं इसलिए उनके ऊपर चार्ज ग कर बहुत ज्यादा चार्ज हो जाते हैं लेकिन इन्वेस्टिंग मिलोगे एक बार शेर खरीद लेते हैं

 तो उसे कई सालों बाद बेचते हैं इसलिए उसके ऊपर चार्ज बहुत कम लगता हैं अगर लर्निंग की बात करें की आप लोग ट्रेडिंग जल्दी सिख सकते हो या इन्वेस्टिंग जल्दी सिख सकते हो अब देखो ये दोनों ही बड़ी परिसर चीज हैं पर मेरा ऐसा मानना है की इन्वेस्टिंग सीखना ज्यादा आसन है एस कंपेयर तू ट्रेडिंग क्योंकि ट्रेडिंग बहुत ही रिस्की है ट्रेडिंग में जो प्रोफेशनल लोग होते हैं सिर्फ वही पैसा बना पाते हैं और जो नए लोग होते हैं वो मुझे 90% लोग अपना 90% पैसा 90 दोनों के अंदर ही गाव देते हैं

 अब अगर ब्रोकरेज चार्ज की बात करें तो चाहे ट्रेडिंग हो या इन्वेस्टिंग हो दोनों में जो ब्रोकेड चार्ज होते हैं वो हर ब्रोकर अपने हिसाब से अलग-अलग चार्ज करता है अगर बात करें ट्रेडिंग की तो यहां पर ब्रोकली चार्ज 0.03% से लेकर मैक्सिमम ₹20 पर ट्रांजैक्शन होता है जिनके पास हजार रुपए से लेकर ₹2000 तक प्लेन होता है जिन्हें खरीदने पर आपका लाइफ टाइम ब्रोकरेज नहीं लगेगा लेकिन यहां पर ध्यान देने वाली बात यह है की सिर्फ ब्रोकर चार्ज नहीं लगेगा इसी तरह अगर आप इन्वेस्टमेंट करते हो यानी की डिलीवरी में शेयर्स को खरीदने हो तो वहां पर भी जो ब्रोकेड चार्ज होता है वो 0.03% से लेकर ₹20 मैक्सिमम पर ट्रांजैक्शन होता है हालांकि डिलीवरी में भी जीरो था 

जैसे कुछ ब्रोकर ऐसे है जो एक भी रुपए ब्रोकर चार्ज नहीं लेते लेकिन इन ब्रोकर के पास आपको लगभग तीन साड़ी ₹300 अकाउंट मेंटेनेंस चार्ज देने होते हैं हर साल ये सब तो ब्रोकन चार्ज थे जो ब्रोकर चार्ज करते हैं लेकिन इसके अलावा गवर्नमेंट भी प्रॉफिट अपने टैक्स डिटेक्टर कर दिया है अगर बात करें सिर्फ ट्रेडिंग की तो ट्रेडिंग में जो प्रॉफिट होता है उसे पर लगभग 28% टैक्स देना पड़ता है वही अगर बात करें इन्वेस्टमेंट की यानी की अगर हमें लॉन्ग टर्म कैपिटल जेन होता है तो उसे पर हमें 20% टैक्स देना पड़ता है 

आप में से कुछ लोगों की दिमाग में डाउट होगा की हम ट्रेडिंग या फिर इन्वेस्टमेंट कम से कम कितने रुपए से स्टार्ट कर सकते हैं तो देखो आप मिनिमम ₹100 से ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट दोनों ही स्टार्ट कर सकते हो ट्रेडिंग में आप अपना पैसा फ्यूचर में ऑप्शंस में लगा सकते हो इंटरनेट ट्रेडिंग में लगा सकते हो इन्वेस्टिंग में आप डायरेक्ट कंपनी के शेयर्स में अपने पैसे लगा सकते हो या फिर फंड के जारी इन्वेस्ट कर सकते हो अब देखो यहां पर एक और चीज तो ध्यान देने वाली है 

अगर आप ट्रेडिंग करना चाहते हो अगर आप फ्यूचर और ऑप्शंस में इन्वेस्ट करना चाहते हो तो इसके लिए आपके पास इनकम स्टेटमेंट होना जरूरी है जबकि ट्रेडिंग में आपको इनकम स्टेटमेंट की कोई जरूर नहीं होती बस आप अपने डीमेट अकाउंट खुलवाओ और इन्वेस्ट करना स्टार्ट कर दो ट्रेडिंग और इन्वेस्टिंग की बात यही पर खत्म करते हैं और में सवाल का जवाब जानते हैं 

की आखिर आपको क्या करना चाहिए आपको ट्रेडिंग करनी चाहिए या इन्वेस्टिंग करना चाहिए अब देखो आपको मैं यहां पे बिल्कुल साफ-साफ बता डन अगर आप अभी बिल्कुल नए-नए शेर मार्केट के बड़े में सिख रहे हो तब तो बिल्कुल भी ट्रेडिंग की तरफ मत जाना कभी आप ऐसा सोचोगे आप हजार ₹2000 लगाकर उसे ₹5000 बना लोग और फिर 5000 को ₹1 लाख करोगे और फिर 1 लाख को ₹1 करोड़ ऐसे करके आप बहुत सारे पैसे काम लोग ऐसा नहीं होता अगर आप बिल्कुल नए-नए शेर मार्केट में आए हो पहले बड़ी बेशक आप कुछ पैसे बना लो लेकिन उसके बाद आप अपने पैसे जरूर दबाओगे और वहीं पर आप दी मोटिवेट हो जाओगे तो इसलिए पहले शेर मार्केट के बेसिक्स को सीखो इन्वेस्टिंग के जारी आप डिलीवरी में शेयर्स को खरीदो उनकी मूवमेंट को ट्रैक करो आपको धीरे-धीरे जब एक्सपीरियंस होने लगेगा आपको धीरे-धीरे जब ये पता ग जाएगा की शेर मार्केट कैसे क करता है

 तब आप धीरे-धीरे अपना ट्रेडिंग में कम रख सकते हो लेकिन एकदम से ट्रेडिंग मत करने ग जाना यहां पर आप यह ध्यान रखना की जब आप ट्रेडिंग सिख रहे हो तो उसे समय ज्यादा पैसे नहीं लगाने आपको ट्रेडिंग में आपको कम पैसे से शुरुआत करनी है और जैसे-जैसे आपका एक एक्सपीरियंस बड़े वैसे वैसे आप अपने पैसे बड़ा सकते हो यहां पर एक और बात ध्यान देने वाली है की शुरुआत में जब आप ट्रेडिंग सिख रहे हो तो ऐसा ब्रोकर चुना जिसके यूजर इंटरफेस आसन हो और वहां पर अकाउंट मेंटेनेंस चार्ज या फिर प्लेटफॉर्म चार्ज ना लगे और जिनके अप का यूजर इंटरफेस इतना बढ़िया हो की आप जब भी ट्रेडिंग या इन्वेस्टिंग करो तो आपकी साइड क्रश ना हो जाए और आपके पैसे ने अट जाए 

आप इसके लिए शुरुआत में एंजेल वाला जैसे ब्रोकर के जारी ट्रेडिंग करना स्टार्ट कर सकते हो और अगर आपके पास थोड़े पैसे ए जाए तो आप जीरो था एंजेल वन अब शॉप में से किसी में भी डीमेट अकाउंट खोलकर ट्रेडिंग स्टार्ट कर सकते हो लेकिन मैं आपको फिर भी सजेस्ट करूंगा की आप ट्रेडिंग जब भी करना जब आप खुद के पैसे कमाने ग जो और अपने पैसे गवाने का रिस्क ली को क्योंकि बहुत सारे ऐसे लोग हैं जिन्होंने अपना पैसा गवाया भी है लेकिन आपको हमेशा पॉजिटिव साइड सोच कर चलनी है 

चाहे आप इन्वेस्टिंग करो चाहे ट्रेडिंग करो आपको यकीन रखना है की हां मैं प्रॉफिट ऑन कर सकता हूं और अगर आप एक सेल्फी परसों ऑफ हर महीने कमाते हो आपका में मकसद सिर्फ अपने पैसों को भविष्य में सिर्फ बढ़ाना है तो ऐसे लोग सिर्फ इन्वेस्टिंग कर सकते हैं वो लोग म्युचुअल फंड में अपने पैसे लगा सकते हैं उन्हें ट्रेडिंग कर रहे हैं की कोई भी जरूर नहीं है  


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